*जिसका जैसा “चरित्र” होता है*

_उसका वैसा ही “मित्र” होता है_

*”शुद्धता” होती है “विचारों” में*

“_आदमी” कब “पवित्र” होता है_ 

*फूलो में भी कीड़े पाये जाते हैं..,*

_पत्थरों में भी हीरे पाये जाते हैं..,_

*बुराई को छोड़कर अच्छाई देखिये तो सही..,*

_नर में भी नारायण पाये जाते हैं..!!_

*मैं आपके साथ हूँ ये मेरा भाग्य है।*

_पर आप मेरे साथ है यह मेरा सौभाग्य है_..💐👏